हाथरस । वो कहते है न ‘कौन कहता है आसमां में सुराख नहीं हो सकता, एक पत्थर तो तबीयत से उछालो योरों। किसी शायर की यह पंक्तियां प्रोत्साहित करने के लिए काफी हैं। इनको सही मायनों में चरितार्थ करके दिखाया है हाथरस के बिलखोरा कलां निवासी भुवनेश देवी ने।
विवाह के बाद पारिवारिक जिम्मेदारियों के बोझ तले दबने के बाद हिम्मत दिखाई और स्वरोजगार के जरिये परिवार का संबल बन गई। उन्होंने माउथ फ्रेशनर बनाने का कारोबार गांव में डालकर शहर में स्वरोजगार खड़ा करने के मिथक को भी तोड़ दिया।
भुवनेश देवी बताती हैं कि माउथ फ्रेशनर का कारोबार उन्होंने मात्र 50 हजार रुपये की लागत से शुरू किया था। इसमें वह दैनिक प्रयोग की चीजें जैसे तूथब्रश, जिब्भी, पेस्ट आदि उत्पाद बना रही हैं। इन सभी उत्पादों को हाथरस के अलावा अलीगढ़, आगरा, मथुरा, एटा व कासगंज सहित अन्य जिलों में सप्लाई किया जा रहा है। इस कार्य से न सिर्फ उनकी आर्थिक स्थिति अच्छी हुई है बल्कि आज वह 20 से अधिक महिलाओं को रोजगार देकर उनके जीवन में भी उजियारा फैला रही हैं। साथ ही सरकार के नारी सशक्तीकरण व स्वावलंबन की योजना को भी साकार कर रही हैं।