नई दिल्ली। भूत-प्रेत, पिशाच और वैंपायर जैसी चीजें हमें किताबों में ही पढ़ने को मिलती है, या तो इन पर बनी फिल्मों से ही हमें इनके अस्तित्व का पता चलता है। भूत प्रेत के किस्से हमें कभी-कभार सुनने को भी मिल जाते हैं। लेकिन वैंपायर के किस्से शायद ही हम कभी सुने हों, क्योंकि असल जिंदगी में इंसान का खून कौन पीता है? अगर यही सवाल आपके भी मन में चल रहा हो तो हम आपको बता दें कि कुछ ऐसा ही एक दिल दहला देने वाली खबर सामने आयीं है।

कनाडा में अल्बर्टा राज्य (Canada, Alberta) के मिडिसिन शहर (Medicine Hat) में रिचर्डसन परिवार रहता था. परिवार में कुल चार लोग थे. मार्क रिचर्डसन, उनकी पत्नी डेब्रा, बेटा जैकब और बेटी जैसमिन। मार्क एक कंपनी में बतौर टेक्निशियन काम करते थे। वे लोग मिडिल क्लास फैमिली से थे. पैसे (Money) की तंगी भी नहीं थी लेकिन बेहिसाब पैसा भी उनके पास नहीं था।

दिन अच्छे से गुजर रहे थे। मार्क जॉब करते तो डेब्रा घर को संभालतीं।
वहीं, जैकब एक पड़ोस के स्कूल (School) में पढ़ता था तो जैसमिन रिचर्डसन (Jasmine Richardson) एल कैथलिक गर्ल्स स्कूल में पढ़ती थी। वह देखने में काफी खूबसूरत थी। उसे घूमना फिरना, म्यूजिक सुनना और दोस्तों से साथ पार्टी करना बहुत पसंद था।

ऐसे हुई जेरेमी से मुलाकात
Daily Star के मुताबिक, 2005 में एक दिन जैसमिन दोस्तों के साथ म्यूजिकल प्रोग्राम देखने गई। वहां उसे एक लड़का पसंद आया जो कि दिखने में उसे बाकी लड़कों से काफी अलग लगा। लोग जहां म्यूजिक को एंजॉय कर रहे थे तो वहीं, जैसमिन की नजर उस लड़के से हट ही नहीं रही थी। मानो वह उसमें पूरी तरह डूब ही गई हो। उस लड़के का नाम जेरेमी स्टेंकी (Jeremy Steinke) था।

दिन भर बात करते जैसमिन और जेरेमी
जैसमिन से जब रहा न गया तो वह सीधे उससे बात करने पहुंच गई। दोनों में बात शुरू हुई तो जेरेमी को भी जैसमिन भा गई। दोनों ने काफी देर तक एक दूसरे से बात की। फिर पार्टी खत्म होने के बाद दोनों ने सोशल मीडिया की आईडी एक दूसरे से एक्सचेंज कीं ताकि वे दोबारा एक दूसरे से मिल सकें। धीरे-धीरे दोनों के बीच इंटरनेट (Internet) के जरिए बातचीत शुरू हो गई। इससे वे एक दूसरे के और भी करीब आ गए। जैसमिन उससे सोशल मीडिया के जरिए दिनभर बात करती. सोशल मीडिया (Social Media) आईडी पर जैसमिन ने अपनी उम्र 15 साल लिखी थी और नाम लिखा था ‘रनिंग डेविल’।

शुरू हुआ दोनों के बीच अफेयर
जेरेमी को जैसमिन का यह नाम काफी पसंद था। यूं तो जैसमिन 12 साल की थी। लेकिन वह अपना मेकअप कुछ इस तरह करती थी, जिससे वह अपनी उम्र से बड़ी दिख सके. इसी तरह दोनों ने फिर एक दूसरे से मिलना जुलना भी शुरू कर दिया। बात इतनी आगे बढ़ गई कि उनके बीच अफेयर शुरू हो गया और फिजिकल रिलेशन तक बन गए।

माता-पिता को चल गया अफेयर का पता
लेकिन कुछ ही दिन बाद इंटरनेट के जरिए जैसमिन के माता-पिता को दोनों के अफेयर की भनक लग गई। माता-पिता ने जब जैसमिन और जेरेमी की चैट पढ़ी तो उनके होश ही उड़ गए। उन्हें पता चल गया कि दोनों का रिश्ता कितना आगे बढ़ चुका है। उन्हें जैसमिन पर इतना गुस्सा आया कि दोनों ने जैसमिन का कंप्यूटर ही उससे छीन लिया। दोनों को लग रहा था कि इंटरनेट के कारण की जैसमिन इन चक्करों में पड़ी है।

खराब होने लगा था घर का माहौल
माता-पिता के नियंत्रण और कंप्यूटर छिन जाने से जैसमिन उदास रहने लगी। लेकिन मां-पिता को विश्वास में लेने के बाद उसने दोबारा से इंटरनेट पर जैरेमी से बात करना शुरू कर दिया। लेकिन जब मार्क और डेब्रा को पता चला कि जैसमिन जेरेमी से बात करती है तो उन्होंने उसे समझाया और इन सब चीजों से दूर रहने के लिए कहा। इसी के साथ उन्होंने जैसमिन पर और सख्ती रखना शुरू कर दिया। जिससे घर का माहौल पहले जैसा नहीं रहा। अब घर में सिर्फ लड़ाई झगड़े ही होते। वहीं, कहीं न कहीं इन सब का असर जैकब पर भी पड़ने लगा था।

जैकब के दोस्त ने देखी डेब्रा की लाश
वह छोटा जरूर था लेकिन उसे समझ आ रहा था कि घर का माहौल क्यों खराब हो रहा है। जैकब ने भी जैसमिन को इसके लिए समझाया लेकिन वह समझने को तैयार ही नहीं थी। फिर आया 24 अप्रैल, 2006 का दिन। दोपहर 01 बजे जैसमिन के घर की घंटी बजी। जैकब का एक दोस्त उनके घर आया। उसने कई बार डोर बेल बजाई। लेकिन किसी ने भी दरवाजा नहीं खोला। उसने काफी बार आवाज भी लगाई। लेकिन जब कोई जवाब नहीं मिला तो वह घर के पीछे खिड़की के पास गया। वहां से जब उसने अंदर झांका तो उसके होश उड़ गए। दरअसल, कमरे के अंदर उसे डेब्र की लाश दिखी।

पुलिस को मिले पति पत्नी के शव
वह भागकर अपने घर गया और मां को पूरी बात बताई. बच्चे की बात सुनकर उन्होंने तुरंत पुलिस को फोन किया. सूचना मिलते ही पुलिस रिचर्डसन के घर पहुंची. फिर दरवाजे को तोड़कर पुलिसकर्मी अंदर घुसे। वहां उन्हें खून से लखपथ हालत में डेब्रा की लाश पड़ी मिली।पास ही मार्क की भी लाश पड़ी थी। मार्क की लाश के पास एक चाकू और पेचकस पड़ा था। जिसके देखकर लग रहा था कि मार्क ने सेल्फ डिफेंस की कोशिश की हो। पति-पत्नी की लाश के बाद पुलिस ने दूसरे कमरों की तलाशी लेनी शुरू की। फिर ऊपर के कमरे में पुलिस को जैकब की लाश मिली। जबकि, जैसमिन का कोई अता-पता नहीं था। पुलिस को लगा कि या तो जैसमिन का अपहरण हो गया है या फिर कातिल उसका भी कत्ल करके लाश को कहीं बाहर फेंक गया है।

जैसमिन और जेरेमी चढ़े पुलिस के हत्थे
जैसमिन को ढूंढते हुए जब पुलिस उसके स्कूल पहुंची तो उन्हें वहां उसके बॉयफ्रेंड के बारे में पता लगा। इसके बाद पुलिस ने दोनों के सोशल मीडिया अकाउंट्स को खंगालना शुरू किया। दोनों की चैट पढ़कर पुलिस को अब पूरा शक जैसमिन और जेरेमी पर चला गया। दोनों को ढूंढना शुरू किया गया और जल्द ही वे पुलिस के हत्थे चढ़ भी गए।

दोनों ने कबूल किया अपना जुर्म
दोनों जेरेमी के ट्रक में बैठे हुए थे और एक दूसरे को किस कर रहे थे। पकड़े जाने के बाद पुलिस ने दोनों से सख्ती से पूछताछ शुरू की। पता चला कि जैसमिन महज 12 साल की है। जबकि, जेरेमी 23 साल का था। दोनों ने कबूल किया कि उन्होंने ही मार्क, डेब्रा और जैकब का मर्डर किया है। पुलिस ने जब उनसे इसका कारण पूछा तो जैसमिन ने बताया कि उसके बॉयफ्रेंड को खून का टेस्ट बहुत पसंद है। उसने बताया कि जेरेमी गले में एक तारनूमा माला भी पहनता है जिसमें खून भरा रहता है। यही नहीं उसने जैसमिन को ये भी बताया था कि वह 300 साल पुराना भेड़िया है। लेकिन बॉयफ्रेंड की ऐसी बातें सुनकर उससे दूर होने की बजाय वह उससे और ज्यादा प्यार करने लगी थी।

ऐसे दिया खूनी वारदात को अंजाम
इसके बाद जेरेमी ने बताया कि जैसमिन के घर वाले उसे उससे मिलने नहीं देते थे। जिससे दोनों ने तय किया कि अगर उन्हें एक होना है तो माता-पिता को रास्ते से हटाना होगा। इसके बाद 23 अप्रैल, 2006 के दिन पहले दोनों एक फिल्म देखने गए। जिसका नाम था ‘नेचुरल बोर्न किलर’।फिर उसी रात को जब दोनों जैसमिन के घर का दरवाजा खोलते हैं तो डेब्रा की नींद खुल जाती है। वह कमरे से बाहर जैसे ही निकलती है तो जेरेमी उन पर 12 बार चाकू से वार कर देता है।

मार्क पर किए चाकू से 24 वार
डेब्रा की आवाज सुनकर मार्क भी नीचे आ गए। उनके हाथ में बचाव के लिए एक पेचकस था। इससे पहले कि मार्क कुछ कर पाते जेरेमी बिना मौका गंवाए उन पर चाकू से हमला करने लगा. मार्क ने जब उससे पूछा कि तुम ऐसा क्यों कर रहे हो? तो जेरेमी ने कहा कि तुम्हारी बेटी ने मुझे ऐसा करने को कहा है। फिर चाकू से 24 वार करके जेरेमी ने मार्क को मौत के घाट उतार दिया। उधर, पिता की चीख सुनकर जैकब भी उठ गया। जैसमिन को जब याद आया कि घर में तो उसका छोटा भाई भी है। वह तुरंत ऊपर के कमरे में गई और जैकब के पेट पर चाकू से 8 बार हमला करके उसे मौत के घाट उतार दिया। इसके बाद जेरेमी ने सभी परिवार वालों के खून को अपनी तारनूमा माला में भी भरा।

दोनों को हुई सजा
जेरेमी को कोर्ट ने दिसबंर 2008 में 25 साल जेल की सजा सुनाई। वह तब से लेकर अभी तक जेल में है। वहीं, जैसमिन को कोर्ट ने 10 जुलाई, 2007 में 10 साल की सजा सुनाई। 2016 तक वह जेल में रही। लेकिन कोर्ट ने उसे 9 साल में ही जेल से रिहा कर दिया। क्योंकि जेल में जैसमिन का बर्ताव काफी अच्छा था और उसके अंदर काफी सुधार भी देखे गए थे।

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